Thursday, 9 January 2014

Lawyer held for helping Narayan Sai while on the run

Lawyer held for helping Narayan Sai while on the run

A lawyer from Panipat in Haryana was arrested for allegedly providing logistics to godman Asaram's son Narayan Sai when he was on the run in connection with a rape case before his arrest earlier this month.

Nishant Raj (28) was apprehended on Saturday after he was summoned by local police for questioning.

"He reached Surat yesterday and was arrested by police in the evening," DCP (Crime) Shobha Bhutada said on Sunday.

According to police, Raj had assisted Sai "materially and logistically" and also provided the latter with a car.

Sai was arrested on December 4 from Delhi-Haryana border after police chased his car, after evading the law for nearly two months in connection with the rape case.

Raj was on Sunday produced in the court of a Chief Judicial Magistrate who remanded him in judicial custody.

Sai, who is accused of repeatedly raping a young woman inmate of Surat ashram between 2002 and 2005, is in police remand till January 1 for allegedly hatching a conspiracy to offer bribe to policemen and even judicial officers to weaken the rape case.

Two sisters from Surat had lodged separate complaints against Sai and Asaram, accusing them of rape and illegal confinement, among other charges.

Sai was booked under various IPC sections of rape, unnatural sex, molestation, wrongful confinement, unlawful assembly, rioting and criminal intimidation on the complaint of the younger sister.

The elder sister, in her complaint against Asaram, had accused him of repeated sexual assaults between 1997 and 2006 when she was residing at his ashram near Ahmedabad.

Asaram (72) is currently lodged in a Rajasthan jail in connection with alleged sexual assault of a minor girl at his ashram in Jodhpur.

Source : http://indiatoday.intoday.in/story/narayan-sai-lawyer-arrest-rape-case-surat-rape/1/333515.html


Narayan Sai not cooperating in interrogation: Cops

Narayan Sai is not cooperating with the police during interrogation and is evading answers on important questions. Sai continues to maintain that he neither contacted police sub inspector (PSI) Kumbhani nor asked his aide Uday Sanghani to meet the cop to weaken the cases against him.
According to sources, police on Tuesday cross-examined Sai along with Uday Sanghani, Kumbhani and others arrested in the Rs13 crore bribery case. The cross-verification was conducted to ascertain if Sai had conspired to bribe the investigating officials and whether he had asked Sanghani to contact Kumbhani. Police are trying to join the missing links in the bribery case, but Sai’s interrogation is not helping them, sources added.
Sai, son of self-styled godman Asaram Bapu, is not answering important questions related to the bribery case and is maintaining a silence, sources said, adding that Sai keeps on repeating that he doesn’t know investigating officer Kumbhani and has no idea about Rs5 crore, the remaining bribery amount. Out of the Rs13 crore deal to weaken the cases against rape accused Sai, police have so far recovered only Rs8 crore and have no clue about the remaining amount.
To obtain some clues in the case, cops are concentrating on key aides of Asaram and Narayan Sai, who are still out of police’s net. Cops are also concentrating on those aides of the father-son duo, who are financially strong and have contacts in the political circles so that their role in the bribery case, if any, can be ascertained.
‘Bring some ponk’Though Surat police is taking every care to keep Narayan Sai away from his aides, still one of them came close to him. When the aide sought his blessings, Sai asked him to bring some ponk – a Surti delicacy. ‘Ponk to khilao, season aa gayi hai’, Sai told the aide. Bring some ponk as its season has come. However, due to heavy security, the aide couldn’t give ponk to Sai.
Sai’s driver questionedNarayan Sai’s driver Vishnu arrived in Surat on Tuesday to record his statement with the police.

Vishnu, who was with Sai when he was arrested by the Delhi police, was summoned under section 160 of CrPC. The police questioned Vishnu about Sai’s hideouts while on the run evading arrest.

Source : http://www.dnaindia.com/ahmedabad/report-narayan-sai-not-cooperating-in-interrogation-cops-1940441


नारायण साईं को मुहैया कराई थी गाड़ी

अमर उजाला, पानीपत

पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत नारायण साईं के प्रदेश और दिल्ली के सारे मामलों को देखता था। निशांत ने दिल्ली में ही नारायण साईं को गाड़ी मुहैया कराई थी।

सूरत पुलिस ने नारायण साईं के साथ एडवोकेट निशांत से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नारायण साईं को नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाने के मामले से भी परत खुल सकती है। गौरतलब है कि दुराचार के मामले में फंसा नारायण साईं पांच दिसंबर तक रिमांड पर है।

उससे सूरत पुलिस पूछताछ कर रही है। इसी पूछताछ में पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत का नाम सामने आया। सूरत पुलिस ने निशांत को पूछताछ के लिए सूरत तलब किया। जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

निशांत घनघस इकलौता लड़का है और अपने पिता की तर्ज पर वकील बनना उसका सपना था। उसने देहरादून से एलएलबी कर इस सपने को पूरा किया और वह दो साल पहले चंडीगढ़ हाईकोर्ट चला गया। उसने वहीं पर प्रेक्टिस शुरू की।

आसाराम बापू का तीन-चार साल पहले पानीपत में सत्संग कराया। सेक्टर-25 में विशाल पंडाल में आसाराम पहुंचे थे। निशांत इससे पहले ही आसाराम बापू के संपर्क में था।

एडवोकेट निशांत घनघस के पिता रणदीप घनघस ने भी मामले की हकीकत बयान की। रणदीप घनघस जिला कोर्ट में वकील हैं।

उन्हाेंने बताया कि वे नारायण साईं के अनुयायी हैं और पानीपत में सत्संग भी कराया था। वह हरियाणा समेत दिल्ली में नारायण साईं के कानूनी मसलों को देखता था। इसी दौरान नारायण साईं ने कुछ देर के लिए गाड़ी मांगी थी।

उन्होंने उनको गाड़ी उपलब्ध करा दी। निशांत पर लगाई धाराएं सामान्य हैं। वे कानून का जानकार है और जमानत करा लेगा। नारायण साईं को पानीपत के एक युवक ने नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाए थे। बीते दिनाें सूरत पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई थी।

इन सिमों को नारायण के लिए जुटाने में एक ही व्यक्ति के नाम सामने आ रहे थे। शक जताया जा रहा है ये सिम कार्ड और मोबाइल भी निशांत ने जुटाए हों।

सूरत पुलिस दुराचार मामले में फंसे आसाराम और नारायण साईं की पानीपत में संदिग्धता पर गंभीर है। पुलिस यहां पर कई अन्य लोगों से शक के आधार पर पूछताछ कर सकती है।

आसाराम के यहां पर काफी अनुयायी हैं। इन्होंने गत दिनों लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करते हुए डीसी को भी ज्ञापन सौंपा था।

Source : http://www.amarujala.com/news/states/haryana/panipat/narayan-sai-had-provided-the-car/


Tuesday, 7 January 2014

नारायण साई ने काटी थी गिरीश वर्मा के आश्रम और बंगले पर फरारी!


भोपाल।महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गिरीश वर्मा को रविवार शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वर्मा को भोजपुर रोड स्थित ब्रिटिश पार्क कॉलोनी में उनके घर से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ महर्षि विद्या मंदिर की तत्कालीन शिक्षिका से दुष्कर्म तथा धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। PICS:नारायण साई ने काटी थी गिरीश वर्मा के आश्रम और बंगले पर फरारी!
पीडि़ता ने आरोप लगाया था कि वर्मा ने वर्ष 1998 से 2013 के बीच कई बार उसके साथ ज्यादती की। महिला थाने में इसकी शिकायत 24 मार्च, 2013 को की गई थी। इसके बाद बीते शुक्रवार को पहली बार वर्मा ने महिला थाने में आकर बयान दर्ज कराए थे।
रविवार को जहांगीराबाद पुलिस ने वर्मा की गिरफ्तारी के पहले मामले की जांच कर उनके खिलाफ धारा 376 तथा 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद वर्मा का मेडिकल परीक्षण हुआ। दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला की भी मेडिकल जांच हुई। पुलिस सोमवार की सुबह वर्मा को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी।

पीडि़ता के पति ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि गिरीश वर्मा और नारायण साईं के घनिष्ठ संबंध थे। उनका आरोप है कि नारायण साईं अक्सर गिरीश वर्मा के भोजपुर ब्रिटिश पार्क स्थित कोठी पर आकर रुकते थे, फरारी के दिनों में नारायण साईं गिरीश वर्मा के आश्रम और घर में भी छुपे थे।
नारायण साई ने काटी फरारी गिरीश वर्मा के आश्रम में: पीडि़ता के पति ने आरोप लगाते हुए रविवार को कहा था, कि गिरीश वर्मा और नारायण साईं के घनिष्ठ संबंध थे। नारायण साईं अक्सर गिरीश वर्मा के भोजपुर ब्रिटिश पार्क स्थित कोठी पर आकर रुकते थे।नारायण साईं को जब पुलिस देशभर में तलाश रही थी तब वे गिरीश वर्मा के भोपाल स्थित कोठी और जबलपुर के करौंदी स्थित आश्रम में फरारी काट रहे थे। इसके बाद वे हरियाणा गए और वहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।
Source : http://www.bhaskar.com/article/c-58-2106859-NOR.html?seq=1

नारायण साई की आवाज का हुआ परीक्षण

नारायण साई की आवाज का हुआ परीक्षण

अहमदाबाद, जासं। अपने खिलाफ लगे दुष्कर्म के मामले को कमजोर करने के लिए पुलिस और न्यायपालिका को रिश्वत देने की साजिश मामले में सोमवार को नारायण साई की आवाज का परीक्षण हुआ। इस बीच, आसाराम की पत्‍‌नी लक्ष्मी और पुत्री भारती के अलावा चार साधिकाओं को रिमांड पर लेने की पुलिस की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नारायण साई की आवाज का गांधीनगर स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में परीक्षण हुआ। इससे पता लगाने में मदद मिलेगी कि रिश्वत की पेशकश करने वाला कहीं नारायण साई ही तो नहीं था। बता दें कि रिश्वत बांटने के लिए करीब 15 करोड़ रुपयों का इंतजाम किया गया था। इसमें से पांच करोड़ रुपये बरामद भी हुए थे।
उधर, पुलिस ने जिला जज के समक्ष आसाराम की पत्‍‌नी, पुत्री और आश्रम की चार साधिकाओं को रिमांड पर सौंपने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने पुलिस की मांग ठुकरा दी। पुलिस ने गत दिनों लक्ष्मी व भारती से करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी। यह दोनों गांधीनगर जिला एवं सत्र अदालत से अग्रिम जमानत पर हैं।
Source : http://www.jagran.com/gujarat/ahmedabad-10973096.html

कॉल डिटेल की जांच पर होगी एफआइआर

कॉल डिटेल की जांच पर होगी एफआइआर

जागरण संवाद केंद्र, पानीपत : आसाराम के बेटे नारायण साई के कुकृत्यों के खिलाफ गवाही देने वाले पानीपत के गवाह महेंद्र चावला को धमकी देने वाले पर पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर एफआइआर करेगी। चावला मंगलवार को एएसपी बदन सिंह राणा से मिले। चावला ने बताया कि एएसपी ने आश्वासन दिया है कि कॉल डिटेल निकाली जाएगी। जांच में अगर आरोपियों ने फोन किया होगा तो केस दर्ज किया जाएगा।
सनौली निवासी महेंद्र चावला वर्ष 1998 से 2005 तक नारायण साई के पीए रहे थे। साई के पापों से मुक्ति पाने के लिए आठ सालों बाद साथ छोड़ दिया। आसाराम और साई के सच उजागर होने पर उसने पुलिस से संपर्क साधा। चावला ने जोधपुर पुलिस को साई की हकीकत बताने के साथ ही सूरत और अहमदाबाद कोर्ट में 164 के तहत बयान भी दर्ज कराए। चावला का कहना है कि गवाही देने के बाद उसे धमकियां मिलने लगी। यहां तक कि सनौली स्थित कार्यालय पर भी साई के समर्थक जान से मारने की धमकी दे गए।

आसाराम प्रकरण : बहादुर बेटी से मिल बढ़ गया हौसला - महेंद्र चावला

आसाराम प्रकरण : बहादुर बेटी से मिल बढ़ गया हौसला -  महेंद्र चावला

लखनऊ। झूठ फरेब की बुनियाद पर खड़े आसाराम के साम्राज्य की नींव हिलाने वाली बहादुर बेटी, अपने मददगारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
हरियाणा के पानीपत निवासी और दुष्कर्म केस के सरकारी गवाह महेंद्र चावला का भी उससे भेंट के बाद अन्याय के खिलाफ संघर्ष का जज्बा और बढ़ गया। चावला का कहना है कि आसाराम ने तो उनका मनोबल तोड़ने के लिए 600 किमी दूर लखनऊ में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन यह मुकदमा उनके लिए संजीवनी साबित हुआ। लखनऊ से पानीपत जाते समय मीडिया से बातचीत में सरकारी गवाह चावला ने कहा कि अभी तक जो शंकाएं व जिज्ञासाएं थीं, वह शाहजहांपुर में बहादुर बेटी से मिलने के बाद शांत हो गई और आसाराम के खिलाफ न्याय की लड़ाई का मनोबल बढ़ गया।
चावला ने बताया कि आसाराम की समर्थक महिला मोनी सिंह समेत पांच लोगों ने वैद्य अमृत प्रजापति व उनके समेत चार न्यूज चैनल के खिलाफ लखनऊ की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि इसी आशय का मुकदमा सुप्रीम कोर्ट से पहले ही खारिज हो चुका है। चावला ने बताया कि सम्मन मिलने पर उन्होंने लखनऊ की अदालत में हाजिरी दी। कोर्ट ने पक्ष के लिए 15 जनवरी की डेट लगा दी है। चावला बोले कि पानीपत से लखनऊ जाते समय तमाम प्रश्न मन में थे। आसाराम के षड्यंत्र के जवाब के बारे में चिंतनशील था, कभी नकारात्मक विचार भी मन में आए। लेकिन शाहजहांपुर में पीड़ित परिवार और बहादुर बेटी से भेंट के बाद उनका हौसला बढ़ गया। कहा कि जो बच्ची न्याय के लिए मजबूत इरादों के साथ खड़ी है, उसका साथ देना हम सबका कर्तव्य है।
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विरोध पर साधकों की पिटाई करते थे आसाराम और नारायण साई
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महेंद्र चावला ने बताया कि आसाराम और नारायण का विरोध करना जान पर खेलने जैसा है। उन्होंने बीते दिनों की यादा ताजा करते हुए बताया कि जो साधक कुकृत्यों के खिलाफ चर्चा कर देता था, उसकी जमकर पिटाई की जाती थी। आसाराम के पूर्व सेवादार और नारायण साई के पीए रहे महेंद्र चावला ने बताया कि वह 1996 में आसाराम से जुड़े थे। योग्यता व समर्पण देख आसाराम ने वर्ष 2001 में नारायण साई का पीए नियुक्त कर दिया। लेकिन जब नारायण साई को महिलाओं से दुष्कर्म करते देखा तो दंग रह गया। विरोध करने पर साई ने फरवरी 2005 में उन्हें विरार महाराष्ट्र में बुलाया और जमकर पिटाई की। पांच सादे कागजों पर जबरन दस्तखत कराए और अंगूठा लगवा लिया। अगस्त 2005 में पूरी तरह आसाराम और नारायण का साथ छोड़ दिया।
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तंत्र विद्या करते हैं पिता-पुत्र
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महेंद्र चावला ने बताया कि आसाराम और उनका बेटा नारायण तंत्र विद्या करते हैं। वर्ष 2001 में उन्हें भी तंत्र विद्या सिखाने के लिए नारायण मध्यप्रदेश प्रांत के झाबुआ जिला के गांव कल्लीपुरा में नदी के किनारे ले गया। जहां काली चौदस को तंत्र विद्या की। इस दौरान नारायण ने अपने सामने एक बच्चा लिटाया और खोपड़ी रखी। फिर पूजा पाठ शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि झारखंड में रजरप्पा, छिनमस्तीके माता मंदिर के पास भी तंत्र विद्या सिखाने के प्रयास किए गए, लेकिन वहां मौजूद बाबा ने तंत्र विद्या सिखाने से मना कर दिया। चावला ने बताया कि उन्हें नारायण ने कई तांत्रिक मंत्र भी लिखकर दिए थे, जिन्हें उन्होंने जोधपुर पुलिस को सौंप दिया है।