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Thursday, 9 January 2014

नारायण साईं को मुहैया कराई थी गाड़ी

अमर उजाला, पानीपत

पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत नारायण साईं के प्रदेश और दिल्ली के सारे मामलों को देखता था। निशांत ने दिल्ली में ही नारायण साईं को गाड़ी मुहैया कराई थी।

सूरत पुलिस ने नारायण साईं के साथ एडवोकेट निशांत से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नारायण साईं को नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाने के मामले से भी परत खुल सकती है। गौरतलब है कि दुराचार के मामले में फंसा नारायण साईं पांच दिसंबर तक रिमांड पर है।

उससे सूरत पुलिस पूछताछ कर रही है। इसी पूछताछ में पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत का नाम सामने आया। सूरत पुलिस ने निशांत को पूछताछ के लिए सूरत तलब किया। जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

निशांत घनघस इकलौता लड़का है और अपने पिता की तर्ज पर वकील बनना उसका सपना था। उसने देहरादून से एलएलबी कर इस सपने को पूरा किया और वह दो साल पहले चंडीगढ़ हाईकोर्ट चला गया। उसने वहीं पर प्रेक्टिस शुरू की।

आसाराम बापू का तीन-चार साल पहले पानीपत में सत्संग कराया। सेक्टर-25 में विशाल पंडाल में आसाराम पहुंचे थे। निशांत इससे पहले ही आसाराम बापू के संपर्क में था।

एडवोकेट निशांत घनघस के पिता रणदीप घनघस ने भी मामले की हकीकत बयान की। रणदीप घनघस जिला कोर्ट में वकील हैं।

उन्हाेंने बताया कि वे नारायण साईं के अनुयायी हैं और पानीपत में सत्संग भी कराया था। वह हरियाणा समेत दिल्ली में नारायण साईं के कानूनी मसलों को देखता था। इसी दौरान नारायण साईं ने कुछ देर के लिए गाड़ी मांगी थी।

उन्होंने उनको गाड़ी उपलब्ध करा दी। निशांत पर लगाई धाराएं सामान्य हैं। वे कानून का जानकार है और जमानत करा लेगा। नारायण साईं को पानीपत के एक युवक ने नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाए थे। बीते दिनाें सूरत पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई थी।

इन सिमों को नारायण के लिए जुटाने में एक ही व्यक्ति के नाम सामने आ रहे थे। शक जताया जा रहा है ये सिम कार्ड और मोबाइल भी निशांत ने जुटाए हों।

सूरत पुलिस दुराचार मामले में फंसे आसाराम और नारायण साईं की पानीपत में संदिग्धता पर गंभीर है। पुलिस यहां पर कई अन्य लोगों से शक के आधार पर पूछताछ कर सकती है।

आसाराम के यहां पर काफी अनुयायी हैं। इन्होंने गत दिनों लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करते हुए डीसी को भी ज्ञापन सौंपा था।

Source : http://www.amarujala.com/news/states/haryana/panipat/narayan-sai-had-provided-the-car/


Tuesday, 7 January 2014

नारायण साई ने काटी थी गिरीश वर्मा के आश्रम और बंगले पर फरारी!


भोपाल।महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गिरीश वर्मा को रविवार शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वर्मा को भोजपुर रोड स्थित ब्रिटिश पार्क कॉलोनी में उनके घर से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ महर्षि विद्या मंदिर की तत्कालीन शिक्षिका से दुष्कर्म तथा धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। PICS:नारायण साई ने काटी थी गिरीश वर्मा के आश्रम और बंगले पर फरारी!
पीडि़ता ने आरोप लगाया था कि वर्मा ने वर्ष 1998 से 2013 के बीच कई बार उसके साथ ज्यादती की। महिला थाने में इसकी शिकायत 24 मार्च, 2013 को की गई थी। इसके बाद बीते शुक्रवार को पहली बार वर्मा ने महिला थाने में आकर बयान दर्ज कराए थे।
रविवार को जहांगीराबाद पुलिस ने वर्मा की गिरफ्तारी के पहले मामले की जांच कर उनके खिलाफ धारा 376 तथा 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद वर्मा का मेडिकल परीक्षण हुआ। दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला की भी मेडिकल जांच हुई। पुलिस सोमवार की सुबह वर्मा को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी।

पीडि़ता के पति ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि गिरीश वर्मा और नारायण साईं के घनिष्ठ संबंध थे। उनका आरोप है कि नारायण साईं अक्सर गिरीश वर्मा के भोजपुर ब्रिटिश पार्क स्थित कोठी पर आकर रुकते थे, फरारी के दिनों में नारायण साईं गिरीश वर्मा के आश्रम और घर में भी छुपे थे।
नारायण साई ने काटी फरारी गिरीश वर्मा के आश्रम में: पीडि़ता के पति ने आरोप लगाते हुए रविवार को कहा था, कि गिरीश वर्मा और नारायण साईं के घनिष्ठ संबंध थे। नारायण साईं अक्सर गिरीश वर्मा के भोजपुर ब्रिटिश पार्क स्थित कोठी पर आकर रुकते थे।नारायण साईं को जब पुलिस देशभर में तलाश रही थी तब वे गिरीश वर्मा के भोपाल स्थित कोठी और जबलपुर के करौंदी स्थित आश्रम में फरारी काट रहे थे। इसके बाद वे हरियाणा गए और वहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।
Source : http://www.bhaskar.com/article/c-58-2106859-NOR.html?seq=1

नारायण साई की आवाज का हुआ परीक्षण

नारायण साई की आवाज का हुआ परीक्षण

अहमदाबाद, जासं। अपने खिलाफ लगे दुष्कर्म के मामले को कमजोर करने के लिए पुलिस और न्यायपालिका को रिश्वत देने की साजिश मामले में सोमवार को नारायण साई की आवाज का परीक्षण हुआ। इस बीच, आसाराम की पत्‍‌नी लक्ष्मी और पुत्री भारती के अलावा चार साधिकाओं को रिमांड पर लेने की पुलिस की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नारायण साई की आवाज का गांधीनगर स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में परीक्षण हुआ। इससे पता लगाने में मदद मिलेगी कि रिश्वत की पेशकश करने वाला कहीं नारायण साई ही तो नहीं था। बता दें कि रिश्वत बांटने के लिए करीब 15 करोड़ रुपयों का इंतजाम किया गया था। इसमें से पांच करोड़ रुपये बरामद भी हुए थे।
उधर, पुलिस ने जिला जज के समक्ष आसाराम की पत्‍‌नी, पुत्री और आश्रम की चार साधिकाओं को रिमांड पर सौंपने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने पुलिस की मांग ठुकरा दी। पुलिस ने गत दिनों लक्ष्मी व भारती से करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी। यह दोनों गांधीनगर जिला एवं सत्र अदालत से अग्रिम जमानत पर हैं।
Source : http://www.jagran.com/gujarat/ahmedabad-10973096.html

कॉल डिटेल की जांच पर होगी एफआइआर

कॉल डिटेल की जांच पर होगी एफआइआर

जागरण संवाद केंद्र, पानीपत : आसाराम के बेटे नारायण साई के कुकृत्यों के खिलाफ गवाही देने वाले पानीपत के गवाह महेंद्र चावला को धमकी देने वाले पर पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर एफआइआर करेगी। चावला मंगलवार को एएसपी बदन सिंह राणा से मिले। चावला ने बताया कि एएसपी ने आश्वासन दिया है कि कॉल डिटेल निकाली जाएगी। जांच में अगर आरोपियों ने फोन किया होगा तो केस दर्ज किया जाएगा।
सनौली निवासी महेंद्र चावला वर्ष 1998 से 2005 तक नारायण साई के पीए रहे थे। साई के पापों से मुक्ति पाने के लिए आठ सालों बाद साथ छोड़ दिया। आसाराम और साई के सच उजागर होने पर उसने पुलिस से संपर्क साधा। चावला ने जोधपुर पुलिस को साई की हकीकत बताने के साथ ही सूरत और अहमदाबाद कोर्ट में 164 के तहत बयान भी दर्ज कराए। चावला का कहना है कि गवाही देने के बाद उसे धमकियां मिलने लगी। यहां तक कि सनौली स्थित कार्यालय पर भी साई के समर्थक जान से मारने की धमकी दे गए।

आसाराम प्रकरण : बहादुर बेटी से मिल बढ़ गया हौसला - महेंद्र चावला

आसाराम प्रकरण : बहादुर बेटी से मिल बढ़ गया हौसला -  महेंद्र चावला

लखनऊ। झूठ फरेब की बुनियाद पर खड़े आसाराम के साम्राज्य की नींव हिलाने वाली बहादुर बेटी, अपने मददगारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
हरियाणा के पानीपत निवासी और दुष्कर्म केस के सरकारी गवाह महेंद्र चावला का भी उससे भेंट के बाद अन्याय के खिलाफ संघर्ष का जज्बा और बढ़ गया। चावला का कहना है कि आसाराम ने तो उनका मनोबल तोड़ने के लिए 600 किमी दूर लखनऊ में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन यह मुकदमा उनके लिए संजीवनी साबित हुआ। लखनऊ से पानीपत जाते समय मीडिया से बातचीत में सरकारी गवाह चावला ने कहा कि अभी तक जो शंकाएं व जिज्ञासाएं थीं, वह शाहजहांपुर में बहादुर बेटी से मिलने के बाद शांत हो गई और आसाराम के खिलाफ न्याय की लड़ाई का मनोबल बढ़ गया।
चावला ने बताया कि आसाराम की समर्थक महिला मोनी सिंह समेत पांच लोगों ने वैद्य अमृत प्रजापति व उनके समेत चार न्यूज चैनल के खिलाफ लखनऊ की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि इसी आशय का मुकदमा सुप्रीम कोर्ट से पहले ही खारिज हो चुका है। चावला ने बताया कि सम्मन मिलने पर उन्होंने लखनऊ की अदालत में हाजिरी दी। कोर्ट ने पक्ष के लिए 15 जनवरी की डेट लगा दी है। चावला बोले कि पानीपत से लखनऊ जाते समय तमाम प्रश्न मन में थे। आसाराम के षड्यंत्र के जवाब के बारे में चिंतनशील था, कभी नकारात्मक विचार भी मन में आए। लेकिन शाहजहांपुर में पीड़ित परिवार और बहादुर बेटी से भेंट के बाद उनका हौसला बढ़ गया। कहा कि जो बच्ची न्याय के लिए मजबूत इरादों के साथ खड़ी है, उसका साथ देना हम सबका कर्तव्य है।
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विरोध पर साधकों की पिटाई करते थे आसाराम और नारायण साई
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महेंद्र चावला ने बताया कि आसाराम और नारायण का विरोध करना जान पर खेलने जैसा है। उन्होंने बीते दिनों की यादा ताजा करते हुए बताया कि जो साधक कुकृत्यों के खिलाफ चर्चा कर देता था, उसकी जमकर पिटाई की जाती थी। आसाराम के पूर्व सेवादार और नारायण साई के पीए रहे महेंद्र चावला ने बताया कि वह 1996 में आसाराम से जुड़े थे। योग्यता व समर्पण देख आसाराम ने वर्ष 2001 में नारायण साई का पीए नियुक्त कर दिया। लेकिन जब नारायण साई को महिलाओं से दुष्कर्म करते देखा तो दंग रह गया। विरोध करने पर साई ने फरवरी 2005 में उन्हें विरार महाराष्ट्र में बुलाया और जमकर पिटाई की। पांच सादे कागजों पर जबरन दस्तखत कराए और अंगूठा लगवा लिया। अगस्त 2005 में पूरी तरह आसाराम और नारायण का साथ छोड़ दिया।
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तंत्र विद्या करते हैं पिता-पुत्र
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महेंद्र चावला ने बताया कि आसाराम और उनका बेटा नारायण तंत्र विद्या करते हैं। वर्ष 2001 में उन्हें भी तंत्र विद्या सिखाने के लिए नारायण मध्यप्रदेश प्रांत के झाबुआ जिला के गांव कल्लीपुरा में नदी के किनारे ले गया। जहां काली चौदस को तंत्र विद्या की। इस दौरान नारायण ने अपने सामने एक बच्चा लिटाया और खोपड़ी रखी। फिर पूजा पाठ शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि झारखंड में रजरप्पा, छिनमस्तीके माता मंदिर के पास भी तंत्र विद्या सिखाने के प्रयास किए गए, लेकिन वहां मौजूद बाबा ने तंत्र विद्या सिखाने से मना कर दिया। चावला ने बताया कि उन्हें नारायण ने कई तांत्रिक मंत्र भी लिखकर दिए थे, जिन्हें उन्होंने जोधपुर पुलिस को सौंप दिया है।

नारायण साई ने दुष्कर्म के आरोप स्वीकारे

नारायण साई ने दुष्कर्म के आरोप स्वीकारे

जागरण संवाददाता, सूरत। पुलिस ने आसाराम के बेटे नारायण साईं द्वारा दुष्कर्म के आरोप स्वीकार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक करीब सात घंटे चली पूछताछ के दौरान साईं ने आठ सेविकाओं के साथ शारीरिक संबंध होने और एक सेविका से पुत्र होने की बात भी कबूली है। इस बीच, अदालत ने नारायण साईं की पुलिस हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा। हालांकि पुलिस ने और आठ दिनों की हिरासत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने नकार दिया।
गौरतलब है कि सूरत की दो सगी बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। नारायण साईं पर आरोप लगाने वाली छोटी बहन और साईं को आमने-सामने बैठाकर पुलिस ने पूछताछ की थी।
सूरत पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि मंगलवार सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चली नारायण साईं ने माना कि सूरत की युवती के आरोप सही हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में बहुत कुछ सामने आया है, जिसे कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि साईं से यह भी पूछा गया कि वह 58 दिन तक कैसे पुलिस को चकमा देकर फरार रहा और इस दौरान उसे छिपाने में किसने मदद की। पुलिस ने साईं से अलग रह रही पत्नी की मौजूदगी में भी उससे पूछताछ की।
पीड़िता से आज भी प्यार करता हूं : साई
दुष्कर्म मामले में बुरी तरह घिर चुका नारायण साईं अब नई कहानी गढ़ने लगा है। पीड़िता से प्रेम करने का दावा कर उसने सारे मामले को नया मोड़ देने की कोशिश की तो पुलिस भी हैरान रह गई।
दरअसल, शहर के न्यू सिविल हॉस्पिटल में मंगलवार को नियमित मेडिकल चेकअप के लिए नारायण साईं ने यह कहकर सबके हैरान कर दिया कि वह पीड़िता से आज भी प्यार करता है। उसके मन में पीड़िता के प्रति नफरत नहीं है। हालांकि, पुलिस उसके इस बयान को गंभीरता से नहीं ले रही है। पुलिस का कहना है कि एक सामान्य अपराधी अपना गुनाह छिपाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाता है। वैसे ही नारायण कर रहा है।
नारायण का बयान सुनकर पीड़िता दंग रह गई। उसके मुताबिक नारायण का यह बयान मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला है। उसने (नारायण) पहले भी मेरा शारीरिक शोषण किया है और आज मानसिक तौर पर परेशान करना चाहता है। इसलिए वह अनाप-शनाप बयान दे रहा है। पहले भी उससे नफरत करती थी, आज भी करती हूं।
Source : http://www.jagran.com/news/national-i-do-love-rape-victim-so-far-narayan-sai-10927506.html

नारायण साईं ने स्वीकारा, आठ शिष्याओं से थे यौन संबंध

नारायण साईं ने स्वीकारा, आठ शिष्याओं से थे यौन संबंध
 गुजरात पुलिस ने बुधवार को दावा किया कि आसाराम के बेटे नारायण साईं ने एक महिला द्वारा उसके खिलाफ लगाए गए बलात्कार के आरोपों को कमोबेश स्वीकार कर लिया है।
Image Loadingसूरत के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने मीडियाकर्मियों को बताया कि हमारी गहन पूछताछ में साईं ने दो बहनों में से एक द्वारा लगाए गए बलात्कार के आरोपों को कमोबेश स्वीकार कर लिया है।

उन्होंने बताया कि साईं ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसके अपनी आठ शिष्याओं के साथ शारीरिक संबंध थे। अस्थाना ने कहा कि जानकारी में यह बात सामने आई है कि साई अपनी सेविकाओं में से एक के बच्चों का पिता है।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता की मौजूदगी में साईं से संयुक्त पूछताछ की। यह पता लगाने के लिए साईं से गहन पूछताछ की गई कि वह 58 दिन तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा और उस समय किसने उसकी मदद की जब वह फरार था।

पुलिस ने बताया कि साई से उसकी अलग हुई पत्नी की मौजूदगी में भी पूछताछ की गई। साईं को एक स्थानीय अदालत ने पांच दिसंबर को आज तक के लिए पुलिस की हिरासत में भेज दिया था।

अस्थाना ने बताया कि हालांकि, साईं की रिमांड आज खत्म हो गई, लेकिन पूछताछ और सबूत जुटाने के लिए उसकी पुलिस हिरासत और बढ़ाए जाने की मांग की जाएगी।

दिल्ली़-हरियाणा सीमा पर गिरफ्तारी के बाद साईं को 4 दिसंबर को सूरत लाया गया था। दोनों बहनों ने साईं और उसके पिता आसाराम के खिलाफ यौन उत्पीड़न, अवैध रूप से रोककर रखने तथा अन्य आरोपों के तहत शिकायत दर्ज कराई थी।
Source : http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-narayan-sai-concedes-to-have-sex-relation-with-8-women-39-39-383458.html

नारायण साईं ने कार में भी रखी थीं सेक्‍स पावर बढ़ाने वाली गोलियां......

नारायण साईं ने कार में भी रखी थीं सेक्‍स पावर बढ़ाने वाली गोलियां.....

नारायण साईं ने कार में भी रखी थीं सेक्‍स पावर बढ़ाने वाली गोलियां, आज सूरत कोर्ट में होगी पेशी

नई दिल्‍ली. करीब दो महीने से पुलिस को चकमा दे रहे यौन उत्‍पीड़न के आरोपी नारायण साईं पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। नारायण साईं को गुरुवार सुबह दिल्ली से सूरत लाया गया है। पूछताछ के लिए उन्हें क्राइम ब्रांच के ऑफिस ले जाया जा रहा है। पूछताछ के बाद सूरत पुलिस शाम छह बजे कोर्ट मे पेश करेगी।
नारायण साईं को मंगलवार देर रात को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, यहां से अदालत ने नारायण साईं को 24 घंटे के लिए गुजरात पुलिस को कस्‍टडी में भेज दिया। नारायण साईं की कार से 2 लाख से नकद और व्‍याग्रा की गोलियां और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
बुधवार को उसे दिल्‍ली पुलिस की हिरासत में मेडिकल जांच के बाद रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया। रोहिणी कोर्ट के बाहर बड़ी तादाद में नारायण साईं के समर्थक जुट गए। ये नारायण साईं का स्‍वागत करने के लिए फूल-मालाओं के साथ पहुंचे और कोर्ट के बाहर रास्‍ते पर साईं के स्‍वागत में फूल बिखेर दिए। समर्थकों का कहना है कि नारायण साईं के खिलाफ लगाए गए बलात्‍कार के आरोप निराधार हैं और उनके खिलाफ बड़ी साजिश की जा रही है।
दिल्‍ली और सूरत पुलिस की ज्‍वाइंट टीम ने साईं को कुरुक्षेत्र के पास पीपली से गिरफ्तार किया था। उसने जींस, टीशर्ट और पगड़ी पहन कर सिख की वेशभूषा अपना रखी थी (देखें ऊपर तस्‍वीर)। लेकिन, बुधवार को जब साईं को मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था तब वह संत जैसा चोला पहने था। उसने मुस्‍कुरा कर अपने समर्थकों का अभिवादन किया (देखें अगली तस्‍वीर में)।
नारायण साईं के साथ उसके सहयोगी हनुमान, भाविका, विष्‍णु और रमेश भी गिरफ्तार किए गए हैं। नारायण साईं से दिल्‍ली में क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक 58 दिनों से फरार नारायण साईं ने पुलिस को बताया कि उसके सलाहकार छिपने को कह रहे थे। साईं ने यह भी बताया कि वह छिपने के क्रम में यूपी के आगरा और बिहार के सीतामढ़ी भी गया था। 

गुजरात सत्र न्यायालय ने नारायण साईं को न्यायिक हिरासत में भेजा

गुजरात सत्र न्यायालय ने नारायण साईं को न्यायिक हिरासत में भेजा

 गुजरात सत्र न्यायालय ने नारायण साईं को न्यायिक हिरासत में भेजा

सूरत। वर्ष 2002 और 2005 में आसाराम के सूरत आश्रम में एक महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए, आसाराम बापू के पुत्र नारायण साईं को सूरत के सत्र न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
साईं पर आरोप है कि उसने अपने खिलाफ दायर दुष्कर्म के मामले को कमजोर करने के लिए पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची।
वहीं मुख्य जिला और सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को नारायण साईं की हिरासत बढ़ाने की पुलिस के अनुरोध को नामंजूर कर दिया। नारायण साईं इस से पहले पुलिस से बचने के लिए फरार हो गया था बाद में उसे पंजाब में पुलिस द्वारा पकड़ा गया था।

नारायण साईं की आशिकमिजाजी का खुलासा, बाप से भी 10 कदम आगे निकला बेटा

नारायण साईं की आशिकमिजाजी का खुलासा, बाप से भी 10 कदम आगे निकला बेटा
Source : http://aajtak.intoday.in/story/aajtak-exclusive-narayan-sais-love-letter-1-743928.html

आसाराम के बेटे नारायण साईं से लेकर, पत्नी लक्ष्मी और बेटी भारती पर भी आरोपों के कठघरे में हैं. सूरत पुलिस की तरफ से लुक आउट नोटिस जारी हुआ है. बाबा जेल में और बेटे की करतूतों का पर्दाफाश हो रहा है.

खुलासा नारायण साईं पर हुआ है. वही नारायण साईं, जिन्हें स्वीटहार्ट भगवान कहलाना अच्छा लगता है. नारायण साईं के नाम लड़कियों के इतने लव लेटर्स मिले हैं, सुनकर और पढ़कर कोई भी दंग रह जाएगा.

सुना था कहीं कि मोहब्बत खुदा है, पढ़ा था कि भगवान और भक्त के बीच प्रेम का एक अटूट बंधन होता है. फिल्म भी बनी थी लव इज गॉड पर किसी भगवान के लिए भक्तों का ऐसा प्रेम, ऐसी इजहारे मोहब्बत, चाहत की रोशनी में डुबो कर लिखे गए भगवान के नाम ऐसे प्रेम पत्र, ना इससे पहले कभी नजरों से गुजरे, ना ही इससे पहले कभी भगवान के नाम लिखे गए ऐसे लेटर के बोल कानों से टकराए थे. नारायण साईं के नाम ढेरों लव लेटरर्स आए हैं और इन लेटरर्स को देखकर आपको इनकी आशिकमिजाजी का अंदाजा हो जाएगा.

इन प्रेम पत्रों में नारायण सांई को कोई प्रेमिका उन्हें स्वीटहार्ट बुलाती है, तो कोई माई हार्ट, कोई शायरी लिखती है, तो कोई गाने के बोल लिख रही है, तो कोई खुलेआम ऐलान करती है कि यू आर माईन-आई आम योर्स. इनकी कई माशूकाओं ने तो लिखा है-आई नीड यू, आई वांट यू, आई लव यू. एक प्रेमिका तो रोज भगवना से फोन पर बात करना चाहती है, यानी अब भगवान शायद दिलों से निकल कर मोबाइल में घुस गए हैं.

नारायण साईं की एक प्रेमिका तो ऐसी है, जिसका लव लेटर पढ़ कर यही लगता है कि वो भगवान के काफी करीब रही है. वो खत में बाकायदा एक तारीख का जिक्र करती है और लिखती है कि एक महीना हो गया मिले हुए और वो भगवान को मिस कर रही है, जबकि एक दूसरे लव लेटर में एक प्रेमिका लिखती है कि प्लीज भगवान-एक और चीज जो मैं चाहती हूं, आप जानते हो. मैं उसके लिए इंतजार करूंगी.
 प्रेम पत्र में भगवान की खूबसूरती से लेकर उनकी खुशबू तक का जिक्र है. अब जाहिर है ना प्यार छुपता है ना खुशबू. लिहाजा भगवान की लव स्टोरी के लव लेटर आम हो गए हैं. वो लव लेटर, जिसमें कोई मोहब्बत में जान देने की बात कर रही है, तो कोई मोहब्बत में कुछ खास चीज की फरमाइश कर रही है.

इन प्रेम पत्रों का सच आप जानें उससे पहले जरूरी है कि जरा एक नजर मोहब्बत भरे इन खतों पर डाल लीजिए. आखिर भगवान के नाम लिखा गया लव लेटर है. कुछ तो डिफरेंट होगा. क्यों?
'मेरा आपके प्रति और आपका मेरे प्रति प्रेम बढ़ता जाए, प्राकाष्ठा से भी परे, हमदोनों एक दूजे से कभी अलग ना हों.

आपको मेरी कसम, कभी मुझसे जुदा या नाराज हुए. कसम तोड़ने मैं मर जाऊंगी ध्यान रखना.
आप जिसको पकड़ लो, वो कभी आपको छोड़ नहीं सकता. प्लीज और चीजों में अपनी पकड़ भले ना रखो, पर मुझे पकड़कर रखे. प्लीज भगवान, एक और चीज जो मैं चाहती हूं मैं उसके लिए इंतजार करूंगी.'
14 फरवरी 2005 को लिखा गया एक लेटर
आपके बिना मैं पूर्ण अधूरी हूं, भगवान आज एक महीना हो गया, इस दिनांक को मैं आपको बहुत मिस कर रही हूं. 14 जनवरी को मेरा नया जन्म हुआ है. 14 जनवरी मैं कहां थी और आज कहां हूं सोच-सोच कर मन बहुत खराब हो रहा है. बस मुझे इंतजार है कि वो दिन दोबारा कब आएंगे. मैं कितनी पागल हूं कि अपने भगवान के लिए ऐसा पूछ रही हूं. क्या करें, मुझे तो आपके बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता है. भगवान मेरी जिंदगी तो बस आपसे ही है. मेरी सांसों में आप, मेरी आंखों में आप, मेरे दिल में, मेरी धड़कन में आप, मेरे तो रोम-रोम में बस गए हो, कान्हा आपकी प्रीति में मैं प्रेम दीवानी हूं.
भगवान मुझे ऐसा लगता है कि आप मुझसे दूर होते हो तो मेरे साथ मेरी आत्मा ही नहीं है. जैसे पूर्णिमा का चांद देखकर समुद्र में तरंगे उठने लगती है, ज्वार आ जाता है. आईएम योरर्स, एंड यू आर माइन, नेवर फॉरगेट मी अदरवाइस आई विल डाई. आई कान्ट लिव विदआउट यू, बिकॉज यू आर माई लाइफ, सोल एंड लव, यू नो, आई थिंक, अबाउट यू आल डे, एंड नाइट.