अमर उजाला, पानीपत
पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत नारायण साईं के प्रदेश और दिल्ली के सारे मामलों को देखता था। निशांत ने दिल्ली में ही नारायण साईं को गाड़ी मुहैया कराई थी।
सूरत पुलिस ने नारायण साईं के साथ एडवोकेट निशांत से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नारायण साईं को नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाने के मामले से भी परत खुल सकती है। गौरतलब है कि दुराचार के मामले में फंसा नारायण साईं पांच दिसंबर तक रिमांड पर है।
उससे सूरत पुलिस पूछताछ कर रही है। इसी पूछताछ में पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत का नाम सामने आया। सूरत पुलिस ने निशांत को पूछताछ के लिए सूरत तलब किया। जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
निशांत घनघस इकलौता लड़का है और अपने पिता की तर्ज पर वकील बनना उसका सपना था। उसने देहरादून से एलएलबी कर इस सपने को पूरा किया और वह दो साल पहले चंडीगढ़ हाईकोर्ट चला गया। उसने वहीं पर प्रेक्टिस शुरू की।
आसाराम बापू का तीन-चार साल पहले पानीपत में सत्संग कराया। सेक्टर-25 में विशाल पंडाल में आसाराम पहुंचे थे। निशांत इससे पहले ही आसाराम बापू के संपर्क में था।
एडवोकेट निशांत घनघस के पिता रणदीप घनघस ने भी मामले की हकीकत बयान की। रणदीप घनघस जिला कोर्ट में वकील हैं।
उन्हाेंने बताया कि वे नारायण साईं के अनुयायी हैं और पानीपत में सत्संग भी कराया था। वह हरियाणा समेत दिल्ली में नारायण साईं के कानूनी मसलों को देखता था। इसी दौरान नारायण साईं ने कुछ देर के लिए गाड़ी मांगी थी।
उन्होंने उनको गाड़ी उपलब्ध करा दी। निशांत पर लगाई धाराएं सामान्य हैं। वे कानून का जानकार है और जमानत करा लेगा। नारायण साईं को पानीपत के एक युवक ने नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाए थे। बीते दिनाें सूरत पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई थी।
इन सिमों को नारायण के लिए जुटाने में एक ही व्यक्ति के नाम सामने आ रहे थे। शक जताया जा रहा है ये सिम कार्ड और मोबाइल भी निशांत ने जुटाए हों।
सूरत पुलिस दुराचार मामले में फंसे आसाराम और नारायण साईं की पानीपत में संदिग्धता पर गंभीर है। पुलिस यहां पर कई अन्य लोगों से शक के आधार पर पूछताछ कर सकती है।
आसाराम के यहां पर काफी अनुयायी हैं। इन्होंने गत दिनों लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करते हुए डीसी को भी ज्ञापन सौंपा था।
Source : http://www.amarujala.com/news/states/haryana/panipat/narayan-sai-had-provided-the-car/
पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत नारायण साईं के प्रदेश और दिल्ली के सारे मामलों को देखता था। निशांत ने दिल्ली में ही नारायण साईं को गाड़ी मुहैया कराई थी।
सूरत पुलिस ने नारायण साईं के साथ एडवोकेट निशांत से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नारायण साईं को नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाने के मामले से भी परत खुल सकती है। गौरतलब है कि दुराचार के मामले में फंसा नारायण साईं पांच दिसंबर तक रिमांड पर है।
उससे सूरत पुलिस पूछताछ कर रही है। इसी पूछताछ में पानीपत निवासी एडवोकेट निशांत का नाम सामने आया। सूरत पुलिस ने निशांत को पूछताछ के लिए सूरत तलब किया। जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
निशांत घनघस इकलौता लड़का है और अपने पिता की तर्ज पर वकील बनना उसका सपना था। उसने देहरादून से एलएलबी कर इस सपने को पूरा किया और वह दो साल पहले चंडीगढ़ हाईकोर्ट चला गया। उसने वहीं पर प्रेक्टिस शुरू की।
आसाराम बापू का तीन-चार साल पहले पानीपत में सत्संग कराया। सेक्टर-25 में विशाल पंडाल में आसाराम पहुंचे थे। निशांत इससे पहले ही आसाराम बापू के संपर्क में था।
एडवोकेट निशांत घनघस के पिता रणदीप घनघस ने भी मामले की हकीकत बयान की। रणदीप घनघस जिला कोर्ट में वकील हैं।
उन्हाेंने बताया कि वे नारायण साईं के अनुयायी हैं और पानीपत में सत्संग भी कराया था। वह हरियाणा समेत दिल्ली में नारायण साईं के कानूनी मसलों को देखता था। इसी दौरान नारायण साईं ने कुछ देर के लिए गाड़ी मांगी थी।
उन्होंने उनको गाड़ी उपलब्ध करा दी। निशांत पर लगाई धाराएं सामान्य हैं। वे कानून का जानकार है और जमानत करा लेगा। नारायण साईं को पानीपत के एक युवक ने नौ सिम कार्ड और मोबाइल जुटाए थे। बीते दिनाें सूरत पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई थी।
इन सिमों को नारायण के लिए जुटाने में एक ही व्यक्ति के नाम सामने आ रहे थे। शक जताया जा रहा है ये सिम कार्ड और मोबाइल भी निशांत ने जुटाए हों।
सूरत पुलिस दुराचार मामले में फंसे आसाराम और नारायण साईं की पानीपत में संदिग्धता पर गंभीर है। पुलिस यहां पर कई अन्य लोगों से शक के आधार पर पूछताछ कर सकती है।
आसाराम के यहां पर काफी अनुयायी हैं। इन्होंने गत दिनों लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करते हुए डीसी को भी ज्ञापन सौंपा था।
Source : http://www.amarujala.com/news/states/haryana/panipat/narayan-sai-had-provided-the-car/